भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा धार भोजशाला परिसर में किए जा रहे पुरातत्व सर्वेक्षण का 42वां दिन आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 17 सदस्यीय ASI टीम और 20 मजदूरों ने सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक कठोर परिश्रम करते हुए महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की।
हिंदू पक्ष के पुरातत्वविदों ने उत्साह व्यक्त करते हुए बताया कि गर्भगृह के सामने खुदाई के दौरान 3 परमार कालीन सिक्के बरामद किए गए हैं। ये सिक्के 11वीं से 13वीं शताब्दी के परमार राजवंश के शासनकाल के होने का अनुमान लगाया गया है। सिक्कों की सफाई और प्राथमिक जांच पूरी कर ली गई है।
इसके अलावा, गर्भगृह के सामने चिन्हित 7 बिंदुओं में से 3 से सिक्के मिलने के बाद, शेष 4 बिंदुओं पर मिट्टी हटाने का कार्य तेजी से जारी है। पुरातत्वविदों का मानना है कि इन बिंदुओं से भी ऐतिहासिक महत्व की वस्तुएं मिलने की संभावना है।
उधर, जीपीआरएस से लैस ASI टीम ने खेत में चिन्हित 1 बिंदु पर भी खुदाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह बिंदु भोजशाला परिसर से जुड़े किसी महत्वपूर्ण अवशेष का स्थान हो सकता है।
आगामी योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए, पुरातत्वविदों ने बताया कि जीपीएस और जीपीआरएस मशीनों का उपयोग करके और अधिक विस्तृत सर्वेक्षण किया जाएगा। इन मशीनों से प्राप्त डेटा भोजशाला परिसर के भूमिगत ढांचे और उसके आसपास के क्षेत्रों की सटीक जानकारी प्रदान करेगा।
इस बीच, राजस्व विभाग की टीम ने आज 405-406 खसरे की नपती की और खुदाई वाले स्थानों का विस्तृत नक्शा तैयार किया। यह नक्शा भविष्य में पुरातत्व अनुसंधान और संरक्षण कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधियों ने बताया कि स्मारक के पीछे पश्चिम दिशा में 19 मीटर की दूरी पर एक नए स्थान पर खुदाई शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही, उत्तर-दक्षिण दिशा में सफाई का काम भी जारी रहा।
यह उल्लेखनीय है कि दरगाह परिसर में आज भी खुदाई कार्य नहीं हुआ। मुस्लिम पक्ष ने इस संबंध में ASI से उचित समय देने का आग्रह किया है।



