तहसील कार्यालय में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश, बाबू के खिलाफ कार्रवाई की मांग

मुंगेली: मुंगेली जिले के तहसील कार्यालय में पदस्थ एक बाबू पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। फास्टरपुर थाना क्षेत्र के बैहाकापा निवासी एक किसान ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि नकल शाखा के बाबू मनोज साहू ने नकल के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे मांगे।

किसान की शिकायत

किसान प्यारे लाल ने कलेक्टर राहुल देव को दिए गए शिकायत पत्र में बताया कि नकल शाखा के बाबू मनोज साहू ने उनसे नकल के लिए 500 रुपये की मांग की, जबकि नकल के लिए निर्धारित शुल्क सिर्फ 20 रुपये है। किसान ने जब इसका विरोध किया तो बाबू ने 50 रुपये ले लिए और बाकी पैसे बाद में देने को कहा। किसान ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली है और उसे शिकायत के साथ संलग्न किया है।

अधिवक्ताओं की पहले भी हुई थी शिकायत

यह पहला मामला नहीं है जब मनोज साहू पर रिश्वत लेने के आरोप लगे हों। कुछ समय पहले अधिवक्ताओं ने भी कलेक्टर से शिकायत की थी कि मनोज साहू नकल के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे ले रहे हैं और कई बार फाइलें भी गायब कर देते हैं। उस समय अधिकारियों ने मनोज साहू को समझाइश दी थी।

तहसीलदार की प्रतिक्रिया

मुंगेली तहसीलदार कुणाल पांडेय ने बताया कि उन्हें इस मामले में शिकायत मिली है और वे मामले की जांच कराएंगे। उन्होंने कहा कि अगर शिकायत सही पाई गई तो दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जागरूकता की आवश्यकता

तहसील कार्यालयों में रिश्वत लेने के मामले आम हो गए हैं। कई बार किसान और आम जनता इस तरह के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से डरते हैं। लेकिन प्यारे लाल जैसे लोगों ने साबित किया है कि अगर हम जागरूक हों और प्रशासन पर दबाव बनाएं तो रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाया जा सकता है।

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