बलरामपुर। सुशासन तिहार के दौरान बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में प्रशासनिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफसरों के ढीले रवैये पर सख्ती दिखाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और राजस्व मामलों में देरी करने वालों पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा। नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्र की प्रक्रिया तेज करने, पटवारियों को मुख्यालय में अनिवार्य रूप से रहने और सड़कों की मरम्मत समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले सभी सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित हो।
बैठक में एक अधिकारी द्वारा अधूरी जानकारी देने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए उसे सही जानकारी के साथ लौटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जनता के सेवक हैं और आम लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें।
मुख्यमंत्री ने राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण और जल्द “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन” शुरू करने की घोषणा भी की। साथ ही DMF निधि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।
दौरे के दौरान जशपुर के चंदागढ़ गांव में उन्होंने एक निर्माणाधीन घर का निरीक्षण कर श्रमदान भी किया और ग्रामीणों से संवाद किया। वहीं भैंसामुड़ा गांव में एक बच्ची से आत्मीय मुलाकात कर उसके भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।

