रायपुर। अंजोर लोक कला मंच, रायपुर द्वारा 15 जनवरी से 8 फरवरी तक 25 दिवसीय निःशुल्क, आवासीय एवं प्रोडक्शन-आधारित रंगमंच कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला रंगमंच में रुचि रखने वाले चयनित प्रतिभागियों को प्रशिक्षण से लेकर अंतिम नाट्य प्रस्तुति तक की संपूर्ण निर्माण प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला के दौरान अभिनय, स्वर साधना, देह-गतिशीलता, संगीत, समूह अभ्यास, स्क्रिप्ट अध्ययन और रिहर्सल पर विशेष रूप से काम किया जाएगा। साथ ही लोक परंपराओं और समकालीन रंगमंच अभ्यासों के समन्वय पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि प्रतिभागियों को एक अनुशासित और प्रक्रिया-आधारित रंगमंच अनुभव मिल सके।
इस कार्यशाला का निर्देशन रंगकर्मी गरिमा दिवाकर करेंगी, जो राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली की स्नातक (बैच 2019–2024) हैं। गरिमा दिवाकर छत्तीसगढ़ की लोकगायिका और सांस्कृतिक कलाकार के रूप में भी जानी जाती हैं। उनका रचनात्मक सफर छत्तीसगढ़ की लोक संगीत परंपराओं और जमीनी सांस्कृतिक गतिविधियों से शुरू हुआ, जिसने उन्हें रंगमंच की ओर प्रेरित किया।
एनएसडी से स्नातक होने के बाद यह छत्तीसगढ़ में उनकी पहली प्रमुख रंगमंचीय पहल है, जिसे वे अपने प्रदेश और यहाँ के रंगकर्मियों के लिए एक योगदान के रूप में देखती हैं।
कार्यशाला पूरी तरह निःशुल्क और आवासीय होगी। इसमें सीमित प्रतिभागियों का चयन चयन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी कार्यशाला के पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। चयनित प्रतिभागियों को आवास और अन्य आवश्यक जानकारियाँ अलग से दी जाएँगी।