रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में आदिवासी क्षेत्रों के विकास को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब तेजी से विकास हो रहा है और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा, अवैध अतिक्रमण पर रोक और जनजातीय भूमि मामलों की जांच के निर्देश दिए। “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” और पीएम जनमन योजना के तहत गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
“नियद नेल्ला नार 2.0” योजना लागू करने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के तहत लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच जारी है।
शिक्षा सुधार के लिए छात्रावासों की सीट बढ़ाने, शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए गए। साथ ही अधूरे निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में कहा गया कि नक्सलवाद कम होने के बाद अब योजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है, जिससे जनजातीय समुदाय विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।

