नवापारा। छत्तीसगढ़ के हजारों नगर सैनिक (होमगार्ड) सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अपने सेवा अधिकारों और सुविधाओं के क्रियान्वयन का इंतजार कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने 13 फरवरी 2026 को राज्य सरकार की एसएलपी खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था और तीन माह के भीतर उसका पालन करने का निर्देश दिया था।
नगर सैनिकों का कहना है कि कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, चुनाव ड्यूटी और वीआईपी सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान देने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। गृह विभाग द्वारा मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लेख किए जाने के बावजूद अब तक कोई अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
आदेश के क्रियान्वयन में हो रही देरी को लेकर नगर सैनिकों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो उन्हें अपने अधिकारों के लिए फिर से न्यायालय की शरण लेनी पड़ सकती है।


