स्वास्थ्य विभाग:मनमानी हाजिरी का सिस्टम होगा बंद, जहां पोस्टिंग वहीं से लगेगी ऑनलाइन अटेंडेंस

रायपुर | 25 अक्टूबर 2026 | छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में सरकारी डॉक्टरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की लेटलतीफी और मनमानी अनुपस्थिति पर नकेल कसने के लिए शासन स्तर पर बड़ा प्रशासनिक सुधार लागू किया जा रहा है। अब अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कागजी हाजिरी या किसी भी तरह के फर्जी अटेंडेंस का पुराना ढर्रा पूरी तरह बंद होगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों की हाजिरी अब जियो-फेंसिंग (Geo-fencing) आधारित ऑनलाइन डिजिटल सिस्टम के जरिए ही दर्ज की जाएगी। यानी कर्मचारी जहां पदस्थ (पोस्टेड) हैं, उन्हें उसी कार्यस्थल के दायरे में रहकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

जियो-फेंसिंग और मोबाइल ऐप से ट्रैकिंग, कार्यस्थल से बाहर हाजिरी अमान्य

नई व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य विभाग एक केंद्रीयकृत मोबाइल एप्लिकेशन और बायोमेट्रिक प्रणाली को लागू कर रहा है। इसमें प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और उप-स्वास्थ्य केंद्रों (HWC) के परिसरों को जीपीएस कोऑर्डिनेट्स के जरिए जियो-फेंस किया गया है। डॉक्टर या कर्मचारी जब अस्पताल की तय परिधि (50 से 100 मीटर के दायरे) के भीतर मौजूद रहेंगे, तभी उनका मोबाइल ऐप हाजिरी स्वीकार करेगा। अस्पताल परिसर से बाहर या घर बैठे हाजिरी लगाने का प्रयास पूरी तरह निष्प्रभावी रहेगा।

वेतन और भत्ते सीधे ऑनलाइन हाजिरी से जुड़ेंगे

विभाग ने स्पष्ट किया है कि महीने के अंत में बनने वाला वेतन सीधे इसी ऑनलाइन उपस्थिति पोर्टल से जोड़ा जाएगा। यदि कोई कर्मचारी बिना पूर्व स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित रहता है या देर से पहुंचता है, तो सिस्टम स्वतः ‘लॉस ऑफ पे’ (वेतन कटौती) की गणना कर देगा। दूरदराज और वनांचल क्षेत्रों के अस्पतालों से अक्सर यह शिकायतें मिलती थीं कि डॉक्टर जिला मुख्यालयों में रहकर कभी-कभार ही ड्यूटी पर जाते हैं। इस पारदर्शी प्रणाली के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

मरीजों को समय पर मिलेगा इलाज, सीएमएचओ करेंगे नियमित मॉनिटरिंग

स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं में चिकित्सकों की समय पर मौजूदगी सुनिश्चित करना है। सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) और सिविल सर्जनों को डैशबोर्ड के जरिए अपने अधीन सभी स्वास्थ्य केंद्रों की दैनिक उपस्थिति पर रीयल-टाइम नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन ने दो-टूक कहा है कि नियमों की अनदेखी करने या सिस्टम से छेड़छाड़ का प्रयास करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

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