रायपुर | 25 अक्टूबर 2026 | छत्तीसगढ़ में आदिवासी अस्मिता और आरक्षण को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा कांग्रेस पर आदिवासी विरोधी होने के लगाए गए आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) दीपक बैज ने करारा पलटवार किया है। बैज ने तीखे लहजे में कहा कि विष्णुदेव साय आज जिस मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं, वह कांग्रेस की नीतियों और बाबा साहब आंबेडकर के संविधान में दिए गए आरक्षण की देन है।
दीपक बैज ने बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ही संविधान के तहत अनुसूचित जनजातियों के लिए राजनीतिक आरक्षण सुनिश्चित किया, जिसके आधार पर आदिवासी वर्ग के नेता विधानसभा और संसद तक पहुंचे। उन्होंने याद दिलाया कि पेसा (PESA) कानून, वन अधिकार पट्टा कानून और 5वीं अनुसूची के प्रावधान कांग्रेस सरकारों के समय ही लागू किए गए, जिससे जनजातीय समाज को जल, जंगल और जमीन पर असली मालिकाना हक मिला।
पीसीसी चीफ ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन को छीनकर उद्योगपतियों को सौंपने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा की सरकार में हसदेव अरण्य से लेकर बस्तर तक आदिवासी अपने अधिकारों और अस्तित्व को बचाने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।


