बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों का विरोध सामने आया है। भाटापारा विकासखंड के धौराभाठा और सेम्हराडीह गांव के सैकड़ों ग्रामीण सरकारी जमीन के सर्वे के विरोध में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने क्षेत्र में उद्योग स्थापित किए जाने की आशंका जताते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
औद्योगिक सर्वे की जानकारी मिलने पर जताई नाराजगी
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों गांवों में पटवारी और राजस्व निरीक्षक की ओर से जमीन का सर्वे किया जा रहा था। शुरुआत में सर्वे के उद्देश्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से ग्रामीणों में असमंजस बना रहा। बाद में औद्योगिक प्रयोजन के लिए सर्वे किए जाने की जानकारी सामने आने पर लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने मांग की है कि जमीन के सर्वे और उसके उद्देश्य से संबंधित पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी सहमति और आपत्तियों पर विचार किए बिना क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ा जाना चाहिए।
प्रशासन ने क्या कहा?
मामले में अपर कलेक्टर निशा मंडावी ने बताया कि धौराभाठा और सेम्हराडीह के ग्रामीणों से आवेदन प्राप्त हुआ है। भाटापारा एसडीएम के माध्यम से शासकीय जमीन का सर्वे कराया गया है, लेकिन जिला कार्यालय को इसकी रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के आवेदन को स्वीकार कर लिया गया है। सर्वे रिपोर्ट मिलने और आगे की प्रक्रिया तय होने के बाद संबंधित लोगों को कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।
रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल सर्वे रिपोर्ट सामने नहीं आने के कारण प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना की स्थिति स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों की आपत्तियों और प्रशासनिक जांच के बाद ही आगे की प्रक्रिया को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।
इस मामले में अब ग्रामीणों की मांगों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई और सर्वे रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

