बलौदाबाजार | 21 सितंबर 2026 | छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से मवेशियों की रहस्यमयी मौत का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के भाटापारा विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम सूरजपुरा के गौठान में करीब 30 गायों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गौवंश के दम तोड़ने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
गौठान में मची अफरा-तफरी, जांच में जुटा पशु चिकित्सा विभाग
सूरजपुरा स्थित गौठान में जब ग्रामीण सुबह पहुंचे तो कई गायें मृत अवस्था में जमीन पर पड़ी मिलीं। देखते ही देखते मृत मवेशियों का आंकड़ा 30 तक पहुंच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए भाटापारा जनपद पंचायत सीईओ, राजस्व अधिकारी और पशुपालन विभाग के डॉक्टरों का दल तत्काल मौके पर पहुंचा। डॉक्टरों की टीम ने मृत गायों का परीक्षण किया और बिसरा व अन्य जरूरी सैंपल एकत्र कर लैब टेस्टिंग के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह (जहरीला चारा, संक्रमण या अन्य कारण) स्पष्ट हो सकेगी।
सूअरों की मौत के बाद अब गायों पर संकट, इलाके में दहशत
इस दर्दनाक घटना ने ग्रामीणों और प्रशासन की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि कुछ ही दिन पहले जिले के टेहका क्षेत्र स्थित एक फार्म में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की चपेट में आने से 100 के करीब सूअरों की मौत हुई थी। सूअरों में फैले वायरस के बाद अब सूरजपुरा गौठान में 30 गायों की अचानक हुई मौत से ग्रामीण किसी अज्ञात संक्रामक बीमारी को लेकर भयभीत हैं। हालांकि पशु चिकित्सकों का प्राथमिक तौर पर मानना है कि गायों में संक्रमण का कारण अलग हो सकता है, लेकिन किसी भी आशंका को खारिज न करते हुए पूरे गौठान परिसर में कीटनाशक छिड़काव और सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।
लापरवाही पर ग्रामीणों का गुस्सा, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गौठान प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि गौठान में मवेशियों के लिए पर्याप्त और स्वच्छ चारे-पानी की व्यवस्था नहीं थी, साथ ही देखरेख में घोर अनदेखी की जा रही थी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने गौठान में मौजूद बाकी मवेशियों के उपचार और सुरक्षा के लिए डॉक्टरों की टीम को तैनात कर दिया है।

