रायपुर। भारतमाला प्रोजेक्ट मुआवजा फर्जीवाड़े की जांच अब नए सिरे से की जाएगी। संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने इसके लिए दो नई जांच टीमें गठित की हैं, जो सभी खसरा नंबरों की विस्तृत जांच करेंगी—चाहे उनकी शिकायत मिली हो या नहीं।
रायपुर में जांच डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह के नेतृत्व में, जबकि धमतरी में अपर कलेक्टर पवन कुमार की टीम करेगी। एक महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। हाल ही में ईडी जांच में कई अधिकारियों की भूमिका सामने आने के बाद यह व्यापक जांच शुरू की गई है।


