बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने पर सरकार को मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों के बीच भरोसा कायम रह सके।
शारदीय नवरात्र की अष्टमी के अवसर पर भूपेश बघेल रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। CGPSC परीक्षा में उत्तरों के मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना था कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है, तो उसकी पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि शिकायतें लगातार सामने आने के बावजूद सरकार जांच के मामले में प्रभावी कदम क्यों नहीं उठा रही है। उनके मुताबिक, सरकारी नौकरियों की चयन प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए, जिससे योग्य उम्मीदवारों को उनका अधिकार मिल सके।
महंगाई और बिजली कटौती पर भी साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने महंगाई, बिजली कटौती और खराब सड़कों को लेकर भी राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, बस किराए और राशन की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए आम लोगों की परेशानियों की ओर ध्यान दिलाया। किसानों को एग्रीस्टैक से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का सामना करने की बात भी कही।
बघेल ने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए दावा किया कि सरकार के प्रति लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
CGPSC भर्ती विवाद के बीच निष्पक्ष जांच की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है। अब इस मामले में सरकार और संबंधित एजेंसियों की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी।



