अगर आप भी बिलासपुर से गुजरते हैं और आए दिन लगने वाले जाम से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। शहर को ट्रैफिक के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए आखिरकार 827 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 4-लेन रिंग रोड का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार की इस सौगात से न सिर्फ सफर आसान होगा, बल्कि बिलासपुर का ट्रांसपोर्ट सिस्टम भी पूरी तरह बदल जाएगा।
क्यों पड़ी इस रिंग रोड की जरूरत?
बिलासपुर छत्तीसगढ़ का एक तेजी से उभरता हुआ इंडस्ट्रियल और कमर्शियल हब है। शहर के बीच से भारी वाहनों (Heavy Vehicles) के गुजरने के कारण आए दिन लंबा जाम और सड़क हादसे आम बात हो गई थी।
इस परेशानी का स्थायी समाधान निकालते हुए, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 32 किलोमीटर लंबी 4-लेन रिंग रोड के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह रिंग रोड बोदरी से सेंदरी गांव के बीच बनाई जाएगी, जिससे शहर के भीतर भारी ट्रैफिक का दबाव सीधे तौर पर खत्म हो जाएगा।
इन इलाकों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
- कनेक्टिविटी होगी सुपरफास्ट: यह नई रिंग रोड छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और बिलासपुर एयरपोर्ट को सीधे तौर पर कोरबा, कटघोरा और सीपत जैसे प्रमुख औद्योगिक (Industrial) क्षेत्रों से जोड़ेगी।
- समय और ईंधन की बचत: दूसरे शहरों (जैसे रायपुर, अंबिकापुर या रायगढ़) की ओर जाने वाले भारी वाहन अब शहर के अंदर आए बिना बाहर-बाहर ही निकल जाएंगे। इससे शहर के लोगों का कीमती समय और ईंधन दोनों बचेगा।
- कोनी-मोपका बाईपास का भी सहारा: इसके अलावा, PWD द्वारा बिलासपुर में यातायात को और सुगम बनाने के लिए 13.40 किलोमीटर लंबे कोनी-मोपका 4-लेन बाईपास के लिए भी बजट स्वीकृत किया गया है।



