छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित चकरभाठा (बिलासा देवी केवट) एयरपोर्ट के विकास और विस्तार को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अहम अपडेट साझा किए हैं। एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और उड़ानों की संख्या बढ़ाने को लेकर शासन स्तर पर तेजी से काम चल रहा है।
मुख्य बिंदु: क्यों चर्चा में है बिलासपुर एयरपोर्ट मामला?
- हाईकोर्ट की सख्ती और जवाब-तलब: बिलासपुर हाईकोर्ट ने एयरपोर्ट के विकास कार्यों में हो रही देरी और नाइट लैंडिंग (Night Landing) जैसी जरूरी सुविधाएं मिलने के बावजूद विमान सेवाएं पूरी तरह शुरू न होने पर नाराजगी जताई थी। अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
- जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया: एयरपोर्ट के विस्तार (4-सी कैटेगरी में अपग्रेडेशन) के लिए रक्षा मंत्रालय और सेना के कब्जे वाली जमीन को जिला प्रशासन को ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को लेकर सरकार ने कोर्ट को अवगत कराया है कि औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं, जिससे रनवे विस्तार का रास्ता साफ हो गया है।
- नाइट लैंडिंग और अन्य एयरलाइंस की मांग: कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया है कि सिर्फ एक एयरलाइन पर निर्भर रहने के बजाय अन्य विमानन कंपनियों (Airlines) को भी बिलासपुर से जोड़ा जाए ताकि यात्रियों को बेहतर विकल्प मिल सकें।


