बिलासपुर | 02 सितंबर 2026 | बिलासपुर में हाल ही में भड़की भीषण हिंसा और पुलिस टीम पर हुए जानलेवा हमले के मामले में फरार चल रहे मुख्य नामजद आदतन बदमाश ने नाटकीय अंदाज में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। इस उपद्रव के दौरान उपद्रवियों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से पुलिस पर हमला बोल दिया था, जिसमें तत्कालीन थाना प्रभारी (TI) समेत कुल 8 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस की लगातार तेज होती दबिश और संपत्ति कुर्की के दबाव के बीच आरोपी ने थाने पहुंचकर सरेंडर किया।
सरेंडर के बाद आरोपी का दावा: ‘मुझे झूठा फंसाया गया’
आत्मसमर्पण करने के बाद आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है। आरोपी का कहना है कि घटना के वक्त वह मौके पर सक्रिय रूप से मौजूद नहीं था और आपसी रंजिश के चलते कुछ स्थानीय लोगों और विरोधियों ने उसका नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर दर्ज करा दिया। उसने उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज और कॉल लोकेशन के आधार पर दोबारा स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
TI समेत 8 जवानों पर हुआ था बर्बर हमला
विवाद की शुरुआत इलाके में दो पक्षों के बीच उपजे तनाव को शांत कराने पहुंची पुलिस टीम पर अचानक हुए पथराव से हुई थी। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और असामाजिक तत्वों ने पुलिसकर्मियों को घेरकर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में थाना प्रभारी सिर पर गंभीर चोट लगने से लहूलुहान हो गए थे, जबकि उनके साथ मौजूद 7 अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे।
पुलिस का रुख सख्त: साक्ष्यों के आधार पर होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने आरोपी के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उपद्रव के दौरान बनाए गए वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका सामने आई है। आरोपी पहले से ही कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है और थाने का निगरानी बदमाश है। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने और खाकी पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।


