छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू, सख्त प्रावधान और कड़ी सजा तय

रायपुर। छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 अब कानून बन गया है। 19 मार्च को विधानसभा से पारित विधेयक को 6 अप्रैल को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद राजपत्र में प्रकाशित किया गया।

नए कानून के तहत धर्म परिवर्तन के लिए अधिकृत अधिकारी को पूर्व सूचना देना और जांच के बाद ही अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जबरन, प्रलोभन या धोखे से धर्मांतरण पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है—सामान्य मामलों में 7–10 वर्ष की सजा और गंभीर मामलों में आजीवन कारावास तक।

कानून में धर्मांतरण कराने वाले व्यक्तियों/संस्थाओं के पंजीयन, ग्राम सभा की भागीदारी और पीड़ितों को मुआवजा देने का भी प्रावधान शामिल है।

You May Also Like

More From Author