रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों ने लंबित भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ किसान संघ के अध्यक्ष सुदेश टीकम के नेतृत्व में दाम सत्याग्रह किसान भुगतान यात्रा निकाली जा रही है। किसान संघ का कहना है कि किसानों की कुल 6066 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान जल्द किया जाना चाहिए।
यह यात्रा 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक रायपुर से नारायणपुर तक चलेगी। इस दौरान अलग-अलग जिलों में किसान सभाएं आयोजित की जाएंगी और संबंधित मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यात्रा के जरिए सरकार का ध्यान किसानों के लंबित भुगतान की ओर आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।
किसान संघ के अनुसार, वर्ष 2024-25 में खरीदे गए धान के अंतर की राशि के रूप में 1743 करोड़ रुपये और वर्ष 2025-26 के धान भुगतान से संबंधित 2623 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 1700 करोड़ रुपये लंबित होने का दावा किया गया है। इन तीनों मदों को मिलाकर कुल 6066 करोड़ रुपये की मांग की जा रही है।
किसान संघ ने इस साल धान का भुगतान 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने और समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाने की मांग भी उठाई है।
यात्रा का कार्यक्रम रायपुर से शुरू होकर धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, जगदलपुर होते हुए नारायणपुर तक निर्धारित है। किसान संघ ने दीपावली से पहले बकाया राशि जारी करने की मांग की है।


