ध्वनि प्रदूषण पर हाईकोर्ट सख्त, मौजूदा कानून लागू करने के दिए निर्देश; लाउडस्पीकर- पटाखों पर निगरानी बढ़ेगी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए मौजूदा कानून और सरकारी निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 की प्रक्रिया लंबित होने को मौजूदा नियमों के पालन में ढिलाई का आधार नहीं बनाया जा सकता।

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को शोर प्रदूषण रोकने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाने को कहा।

राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि नए कानून का प्रारूप तैयार हो चुका है और इसे मंत्रिपरिषद के बाद विधानसभा में पेश किया जाएगा। कोर्ट ने विधायी प्रक्रिया पूरी करने के लिए सरकार को समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई आठ सप्ताह बाद निर्धारित की है।

लाउडस्पीकर और पटाखों पर सख्ती

हाईकोर्ट ने लाउडस्पीकर, ध्वनि विस्तारक यंत्र, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली और पटाखों से होने वाले शोर पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए। रात के समय और शांत क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निकायों और संबंधित एजेंसियों को आवश्यक कार्रवाई जारी रखने को कहा गया है।

You May Also Like

More From Author