बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने संविदा कर्मचारियों को राहत देते हुए 45 वर्ष तक की आयु सीमा के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने पर विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से कहा है कि यदि याचिकाकर्ता निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं, तो उनकी उम्मीदवारी पर नए नियमों के अनुसार पुनर्विचार किया जाए।
क्या है पूरा मामला?
रामफल केवट जनपद पंचायत सारंगढ़ और स्वप्निल जायसवाल जनपद पंचायत बेमेतरा में संविदा क्षेत्र समन्वयक के पद पर कार्यरत हैं। दोनों ने ब्लॉक परियोजना प्रबंधक पद के लिए आवेदन किया था। इस भर्ती के लिए 27 मार्च 2026 को विज्ञापन जारी किया गया था। निर्धारित आयु सीमा के आधार पर रामफल केवट, जिनकी उम्र 42 वर्ष थी, और स्वप्निल जायसवाल, जिनकी उम्र 38 वर्ष थी, की उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई थी।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने 16 सितंबर 2026 को जारी परिपत्र के जरिए संविदा कर्मचारियों की अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष कर दी है। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए उन्हें भी नई आयु सीमा का लाभ मिलना चाहिए।
राज्य सरकार और जिला पंचायत ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि नया नियम 16 सितंबर 2026 से लागू हुआ है, जबकि भर्ती प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और पूरी नहीं हुई है। ऐसे में नई आयु सीमा के आधार पर दावों पर विचार किया जा सकता है। कोर्ट ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को 16 सितंबर के परिपत्र और लागू आरक्षण नियमों के अनुसार 30 दिनों के भीतर दोनों की उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है।


