बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत शासकीय कर्मचारियों की निजी जानकारी साझा करने को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी सरकारी कर्मचारी के जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक दस्तावेज, नियुक्ति के समय दिए गए हलफनामे और सर्विस रिकॉर्ड जैसी जानकारियां व्यक्तिगत सूचना की श्रेणी में आती हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक किसी मामले में स्पष्ट और बड़े जनहित का आधार न हो, तब तक जन सूचना अधिकारी (PIO) आरटीआई के तहत ऐसी निजी जानकारी उपलब्ध नहीं करा सकते।
यह मामला रायगढ़ जिले के लैलूंगा तहसील में पदस्थ पटवारी रामनाथ सिंह से जुड़ा है। मार्च 2024 में नियुक्ति के बाद एक निजी संगठन ने आरटीआई के माध्यम से उनके जाति, निवास, शैक्षणिक दस्तावेज, हलफनामा और सर्विस रिकॉर्ड की प्रतियां मांगी थीं। इसके विरोध में रामनाथ सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और दलील दी कि मांगी गई जानकारी पूरी तरह निजी है तथा उसका किसी सार्वजनिक गतिविधि या बड़े जनहित से कोई संबंध नहीं है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का भी हवाला दिया गया।


