बिलासपुर। अरपा नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने नगर निगम और शासन से विस्तृत कार्ययोजना मांगी है और यह स्पष्ट करने को कहा है कि शहर के करीब 70 नालों के सीवरेज को मौजूदा और निर्माणाधीन एसटीपी के जरिए प्रभावी ढंग से ट्रीट किया जा सकेगा या नहीं।
सरकार के अनुसार शहर में चार एसटीपी की कुल क्षमता 78 एमएलडी है, जबकि दो नए एसटीपी निर्माणाधीन हैं। इनके पूरा होने के बाद कुल क्षमता 94 एमएलडी तक पहुंच जाएगी। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा है कि सभी 70 नाले एसटीपी से जुड़े हैं या नहीं और उनमें आने वाले सीवरेज को पूरी तरह इंटरसेप्ट, डायवर्ट और ट्रीट किया जा रहा है या नहीं।
मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को होगी। कोर्ट ने संबंधित विभाग से नए शपथपत्र के जरिए विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।



