रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन की नई गाइडलाइन दरों में भारी बढ़ोतरी के बाद सभी जिलों में जमीन रजिस्ट्री की संख्या तेजी से घट गई है, खासकर शहरी इलाकों में रजिस्ट्री लगभग ठप हो गई है। हालात को देखते हुए राज्य सरकार अब गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण की तैयारी कर रही है।
जिला मूल्यांकन समितियां प्राप्त दावा-आपत्तियों की जांच में जुटी हैं, हालांकि अभी तक किसी जिले से पुनरीक्षण प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को नहीं भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, जिलों से प्रस्ताव मिलने के बाद ही संशोधित गाइडलाइन दरें जारी होंगी।
नई दरों के लागू होने के बाद रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और राजनांदगांव में सबसे ज्यादा असर देखा गया है। कई क्षेत्रों में गाइडलाइन दरें 600 प्रतिशत तक बढ़ाई गई थीं, जिस पर व्यापक विरोध दर्ज हुआ। अब संकेत हैं कि पुनरीक्षण में दरों को न्यूनतम 20 प्रतिशत तक घटाया जा सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर 100 प्रतिशत तक कमी संभव है।
पंजीयन विभाग का कहना है कि नई गाइडलाइन दरें वैज्ञानिक आधार पर तय की गई हैं और इससे किसानों व भूमिस्वामियों को भविष्य में न्यायसंगत मुआवजा मिलेगा।