रायपुर | 03 सितंबर 2026 | छत्तीसगढ़ में मानसूनी तंत्र के बेहद सक्रिय होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर ने प्रदेश के 24 से ज्यादा जिलों में भारी से अति भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में हालात गंभीर हो गए हैं। अंबिकापुर शहर के निचले इलाकों में जलभराव के बाद पानी घरों में घुस गया है, वहीं बलरामपुर जिले में उफनते नदी-नालों और खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (गाज) गिरने की गंभीर चेतावनी दी है।
छत्तीसगढ़ के 24 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट, अलर्ट मोड पर प्रशासन
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ओडिशा तट और आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण राज्य भर में भरपूर नमी आ रही है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा संभाग के 24 से अधिक जिलों में रुक-रुक कर भारी बौछारें पड़ने का अनुमान है। बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और कबीरधाम जिलों में स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
अंबिकापुर में कॉलोनियां जलमग्न, बलरामपुर में नदियां उफान पर
सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में बीती रात से जारी मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के जलनिकासी दावों की पोल खोल दी है। शहर के निचले इलाकों और कॉलोनियों की सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया है, जिससे कई मकानों और दुकानों में गंदा पानी घुसने से नागरिकों का घरेलू सामान खराब हो गया। उधर बलरामपुर जिले में कन्हार और पेंगन नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। कई रपटों और पुलियों के ऊपर से पानी बहने के कारण दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
आकाशीय बिजली गिरने का खतरा, आपदा प्रबंधन दल तैनात
मौसम विभाग ने चेताया है कि बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात की प्रबल आशंका है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने किसानों और आमजनों से आग्रह किया है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों या खुले खेतों में शरण न लें। सभी संवेदनशील जिलों में एसडीआरएफ (SDRF) और राहत दलों को 24 घंटे मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया जा सके।


