रायपुर में राजभाषा आयोग का जिला सम्मेलन संपन्न, छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों का हुआ सम्मान

रायपुर। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में सोमवार को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा “एक दिवसीय जिला सम्मेलन” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू और आयोग के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार के स्वागत भाषण से हुई, जबकि अध्यक्षीय संबोधन आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने दिया।

सम्मेलन के दौरान छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वाले साहित्यकार विजय मिश्रा “अमित”, सुमन शर्मा बाजपेयी और चन्द्रहास साहू को सम्मानित किया गया। साथ ही आयोग द्वारा प्रकाशित आठ छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों की पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

विमोचित पुस्तकों में डॉ. पी.सी. लाल यादव की ‘कुंवर अछरिया अउ राजा बेलसरिया’, डॉ. दीनदयाल साहू की ‘पीरा’, राजकुमार निषाद “राज” की ‘धरोहर जस जवारा, जस पचरा गीत’, पुनीत गुरुवंश की ‘जिनगी एक रहस्यमय हे’, कमलेश शर्मा की ‘बूंदा बिहतरी’, मुकेश कुमार की ‘भरम आदि के दुनिया’, कामता प्रसाद देशलहरा “अकेला” की ‘भुईयां के सिंगार’ और शत्रुघन सिंह राजपूत की ‘आखर वंदन’ शामिल हैं।

कार्यक्रम में “पुरखा के सुरता” विषय पर स्वर्गीय सुशील भोले के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विशेष चर्चा आयोजित की गई। इस सत्र के मुख्य वक्ता डॉ. पी.सी. लाल यादव रहे, जिन्होंने रोचक शैली में अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन विजय मिश्रा “अमित” ने किया।

सम्मेलन के अंतिम सत्र में साहित्यकारों ने छत्तीसगढ़ी भाषा और स्थानीय बोलियों में काव्य पाठ प्रस्तुत किया। आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग और आमंत्रित साहित्यकारों की पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

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