रायपुर। केरल में वंदे मातरम के कथित अपमान को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश की जनता उन लोगों या दलों को कभी स्वीकार नहीं करेगी जो वंदे मातरम और भारत माता का अपमान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्हें ‘भारत माता की जय’ कहने में परेशानी होती है, उनके प्रति देश का रुख आज सबके सामने है।
दरअसल, केरल विधानसभा सत्र के दौरान पुलिस बैंड द्वारा वंदे मातरम का केवल शुरुआती हिस्सा बजाया गया था। इसे लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राज्य सरकार ने पूरे राष्ट्रगीत के बजाय परंपरा के अनुसार केवल शुरुआती अंश बजाने का निर्णय लिया था।
इधर, मीसाबंदियों की पेंशन को लेकर भी सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने कहा था कि मीसाबंदियों को दी जाने वाली पेंशन भाजपा अपने पार्टी फंड से दे। इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस को आपातकाल की याद दिलाई।
उन्होंने कहा कि 1975 में कांग्रेस ने संविधान की भावना के विपरीत देश में आपातकाल लागू किया था और विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया था। इसके कारण कई परिवारों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीसाबंदियों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया था और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। कांग्रेस को इस मुद्दे पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार नहीं है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि महोत्सव में आम की 250 से अधिक प्रजातियों की प्रदर्शनी लगाई गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस अनूठे आयोजन का अवलोकन करने की अपील की।


