छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में पिछले 21 वर्षों से अधूरी पड़ी एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण को लेकर अब सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। विकास के दावों के बीच इस बार मामला राजनीतिक मंच से उठकर आस्था के केंद्र तक पहुंच गया है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर मां दंतेश्वरी के दरबार में ‘अर्जी’ लगाने और मन्नत मांगने के इस अनूठे घटनाक्रम ने सत्ताधारी दल और विपक्ष को आमने-सामने ला खड़ा किया है।
21 साल से क्यों अधूरी है सड़क?
जानकारी के मुताबिक, यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली एक बेहद अहम जीवनरेखा है, लेकिन प्रशासनिक और राजनीतिक उदासीनता के चलते पिछले दो दशकों से इसका निर्माण कार्य अटका हुआ है। सड़क बदहाल होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब काम पूरा नहीं हुआ, तो जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने अनोखा रास्ता अपनाया।
मन्नत पर क्यों भिड़े भाजपा और कांग्रेस?
सड़क जैसी बुनियादी जरूरत के लिए माता के दरबार में अर्जी लगाने के बाद से ही क्षेत्र में राजनीतिक पारा हाई हो गया है:
- विपक्ष का तंज: विपक्षी दल का कहना है कि 21 साल बीत जाने और विभिन्न सरकारों के आने-जाने के बावजूद यदि जनता को सड़क के लिए भगवान या देवी-देवताओं से मन्नत मांगनी पड़ रही है, तो यह सिस्टम और मौजूदा जनप्रतिनिधियों की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण है।
- सत्ता पक्ष का पलटवार: वहीं, सत्ताधारी दल के नेताओं का आरोप है कि विपक्ष इस मुद्दे पर सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहा है और जनता की भावनाओं को भड़काने का काम कर रहा है। सरकार का दावा है कि इस बहुप्रतीक्षित सड़क के निर्माण के लिए अब प्रक्रिया तेज कर दी गई है और जल्द ही लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
बहरहाल, विकास के नाम पर शुरू हुई यह सियासत अब चर्चा का बड़ा विषय बन गई है, और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मां दंतेश्वरी के दरबार में लगाई गई यह अर्जी कब तक जमीन पर उतरती है।



