दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। जिले के समोदा गांव में एक भाजपा नेता के खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती का खुलासा हुआ है। पुलिस ने जब छापेमारी की, तो मक्के की फसल के बीच छिपाई गई अफीम की खेती देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए।
मक्के की आड़ में ‘करोड़ों’ का काला खेल
नशे की यह खेती कोई छोटी-मोटी नहीं, बल्कि लगभग 4 से 5 एकड़ के विशाल रकबे में की जा रही थी। शातिर तरीके से खेत के चारों ओर मक्के की ऊंची फसल लगाई गई थी ताकि बाहर से किसी को अफीम के पौधे नजर न आएं।
• छापेमारी: मुखबिर की सटीक सूचना पर एडिशनल एसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा के नेतृत्व में विशेष टीम ने रेड मारी।
• बरामदगी: करोड़ों रुपये मूल्य की अफीम के हजारों पौधे जब्त किए गए हैं। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सैंपल लिए हैं।
भाजपा नेता का खेत, अधिया का बहाना!
जांच में खुलासा हुआ कि जिस जमीन पर अफीम उगाई जा रही थी, वह स्थानीय भाजपा नेता विनायक ताम्रकार की है।
• नेता का बयान: पुलिस पूछताछ में भाजपा नेता ने दावा किया कि उन्हें इस खेती के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने अपनी जमीन किसी दूसरे व्यक्ति को ‘अधिया’ (बटाई) पर खेती के लिए दी थी।
• गिरफ्तारी: पुलिस ने खेत में काम करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
कलेक्टर और एसपी पहुंचे मौके पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह और पुलिस के आला अधिकारी खुद खेत का जायजा लेने पहुंचे। जिले में अफीम की खेती का यह पहला और संभवतः सबसे बड़ा मामला है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नशे की सप्लाई कहां होनी थी और इस सिंडिकेट के पीछे कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।