बलरामपुर। तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने और अन्य राज्यों से होने वाले अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए वन विभाग ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। सोमवार को प्रबंध संचालक एवं वनमंडलाधिकारी आलोक बाजपेयी और उप प्रबंध संचालक ने कई संवेदनशील फड़ों का निरीक्षण कर कर्मचारियों और फड़ प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए।
अधिकारियों ने प्राथमिक लघु वनोपज समिति ढढीया के अंतर्गत आने वाले ढढीया और कछिया फड़ों का निरीक्षण किया। इस दौरान कर्मचारियों को केवल अच्छी गुणवत्ता वाले बीड़ी निर्माण योग्य 50 पत्तों की गड्डियां संग्रहित करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद वन परिक्षेत्र रघुनाथनगर के मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सीमा से लगे गिरवानी, केसारी, बभनी, झापर और चपोता फड़ों का भी जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अवैध तेन्दूपत्ता परिवहन और बिक्री रोकने के लिए बनाए गए अस्थायी बैरियरों की व्यवस्था की समीक्षा की गई।
वन विभाग के अधिकारियों ने समिति प्रबंधकों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में अवैध तेन्दूपत्ता की खरीदी या परिवहन नहीं होना चाहिए। लापरवाही या संलिप्तता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
अंतरराज्यीय बैरियर धनवार में वाहनों की जांच व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए, ताकि अवैध वनोपज परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
वन विभाग ने सभी परिक्षेत्र अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और फड़मुन्शियों को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और बैठक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिस प्रशासन से समन्वय बनाकर अवैध तेन्दूपत्ता कारोबार में शामिल बिचौलियों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
अधिकारियों ने कहा कि तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि संग्राहकों को उचित पारिश्रमिक मिल सके और वनवासी परिवारों को अधिक लाभ पहुंचाया जा सके।



