रायपुर। झीरम घाटी हत्याकांड के करीब 13 साल पुराने मामले में जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इससे पहले 5 सितंबर को अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था।
अदालत के फैसले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे साजिश रचने वालों और बड़े नक्सली नेताओं की भूमिका की जांच पूरी तरह सामने नहीं आई है। बघेल के मुताबिक, पूरी साजिश की जांच के बिना न्याय अधूरा है।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भी फैसले को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सजा पाने वाले 10 आरोपी बड़े नक्सली नेताओं के सहयोगी थे। उन्होंने सवाल किया कि घटना के पीछे मौजूद मुख्य साजिशकर्ताओं तक जांच कब पहुंचेगी।
झीरम घाटी हमले में बचे गवाह शिव सिंह ठाकुर ने भी फैसले पर असंतोष जताया। उनका कहना है कि पीड़ितों को अभी पूरा न्याय नहीं मिला है और मामले की जांच में कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर कार्रवाई बाकी है।


