रायपुर। झीरम घाटी मामले में अदालत के फैसले से पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 2013 की इस दर्दनाक घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को लंबे समय से न्याय का इंतजार है।
झीरम घाटी में 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान नक्सली हमला हुआ था। इस हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। मामले की जांच अलग-अलग स्तर पर हुई और बाद में जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई।
करीब 12 साल से चल रहे मामले में अब सुनवाई अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। अभियोजन पक्ष ने बड़ी संख्या में गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा है। अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर है।
टीएस सिंहदेव ने कहा कि झीरम घाटी की घटना सिर्फ एक राजनीतिक दल से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास की बेहद गंभीर घटना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए घटना से जुड़े सवालों का जवाब सामने आएगा।

