महासमुंद। करीब 1.5 करोड़ रुपये के एलपीजी गैस गबन मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। फरार आरोपियों को शरण और मदद देने के आरोप में मुंबई के चार लोगों से गुरुवार को पूछताछ की गई।
जांच में सामने आया है कि जब्त छह गैस कैप्सूलों से करीब 92 मीट्रिक टन एलपीजी निकालकर लगभग 90 लाख रुपये में बेच दी गई थी। मामले को वैध दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी पंचनामा और दस्तावेज भी तैयार किए गए।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में तत्कालीन खाद्य अधिकारी, भाजपा नेता समेत कई आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसियां अब उन सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं, जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आरोपियों को संरक्षण या सहयोग दिया। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



