स्वार्थ छोड़ राष्ट्रीय कर्तव्य निभाएं, तभी राष्ट्र होगा मजबूत : मुकुल कानिटकर

रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पंचम सरसंघचालक स्व. कुप्पाहली सीतारमैया सुदर्शन की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय व्याख्यान में मुख्य वक्ता मुकुल कानिटकर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति को स्वार्थ छोड़कर राष्ट्रीय कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र की मजबूती ‘मैं’ से ‘हम’ की भावना से संभव है।

मुकुल कानिटकर ने कहा कि स्वार्थ, अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार समाज को कमजोर करते हैं। ऐसे लोगों को सामाजिक मान्यता नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि संघ का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करना और राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति निर्माण करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. टोपलाल वर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि अनुराग पांडे ने नागरिक कर्तव्यों की अनदेखी को गंदगी, यातायात समस्याओं और भ्रष्टाचार जैसी अव्यवस्थाओं का कारण बताया।

You May Also Like

More From Author