‘Gen-Z’ शब्द पर रघु ठाकुर की आपत्ति, बोले- जन आंदोलनों में विदेशी नैरेटिव का बढ़ रहा प्रभाव

बिलासपुर। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के संस्थापक और समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने ‘Gen-Z’ जैसे शब्दों के बढ़ते इस्तेमाल पर सवाल उठाया है। बिलासपुर प्रेस क्लब में ‘जन आंदोलन : दशा और दिशा’ विषय पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर के कई आंदोलनों में विदेशी सहयोग और नैरेटिव का प्रभाव दिखाई दे रहा है।

रघु ठाकुर ने कहा कि जन आंदोलन स्वतःस्फूर्त और जनता से जुड़े होने चाहिए। उनके अनुसार किसी आंदोलन का संचालन विदेशी फंडिंग या कॉरपोरेट प्रभाव से नहीं, बल्कि आम लोगों के सहयोग से होना चाहिए। आंदोलन का उद्देश्य केवल तत्काल लाभ नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक बदलाव होना चाहिए।

उन्होंने आंदोलनों में हिंसा, तोड़फोड़ और अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर भी असहमति जताई। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक आंदोलनों में संवाद, तर्क और संयम को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

ठाकुर ने दुनिया में सामाजिक और आर्थिक असमानता के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाकर लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक विवादों में उलझाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र में हिंदी भाषियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की आंदोलनों में भागीदारी सकारात्मक है, लेकिन युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा और व्यापक जनहित के मुद्दों से जोड़ना जरूरी है।

You May Also Like

More From Author