गरियाबंद। राजिम के केतकी तालाब को मिट्टी से पाटकर अवैध प्लाटिंग की कोशिश किए जाने के मामले में जांच के बाद इसकी पुष्टि हुई है। मामले की शिकायत करीब डेढ़ महीने पहले कलेक्टर से की गई थी, जिसके बाद राजिम एसडीएम की ओर से जांच कराई गई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, खसरा नंबर 583/11 में स्थित तालाब को सामुदायिक निस्तारी के हितों के विपरीत मिट्टी डालकर पाटे जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में विमल पारख का नाम भी संबंधित व्यक्ति के रूप में दर्ज किया गया है। रिपोर्ट कलेक्टर को भेजे जाने के बावजूद अब तक मामले में कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं, राजिम में नेशनल हाईवे-130 सी के किनारे कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित करने और जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर बेचने का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि कॉलोनी के दूसरे चरण के लिए सरकारी नहर से छेड़छाड़ कर बिना विभागीय अनुमति रास्ता तैयार किया गया।
राजिम एसडीएम विशाल महाराणा के मुताबिक, केतकी तालाब से जुड़ी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी जा चुकी है। नहर से संबंधित मामले में सिंचाई विभाग को पत्र भेजा गया है, लेकिन अभी वहां से कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।
स्थानीय स्तर पर यह भी बताया गया है कि राजिम में जमीन की कीमत बढ़ने के बाद कृषि भूमि पर प्लाटिंग की गतिविधियां बढ़ी हैं। कई मामलों में एक ही खसरे की जमीन के छोटे-छोटे हिस्सों की रजिस्ट्री होने की बात सामने आई है।


