मनेंद्रगढ़। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा उन्हें जगद्गुरु नहीं मानने संबंधी बयान पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चिरमिरी के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान उन्होंने व्यासपीठ से कहा कि चरणदास महंत उनके जगद्गुरु होने की योग्यता की जांच कर सकते हैं और वह हर कसौटी पर खरे उतरेंगे।
रामभद्राचार्य ने कहा कि जगद्गुरु बनने के लिए निर्धारित शास्त्रीय मानदंडों का उन्होंने पालन किया है और सभी अखाड़ों का उन्हें समर्थन प्राप्त है। उन्होंने महंत के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जो लोग भगवान राम से प्रेम करते हैं, उन्हें उनका आशीर्वाद मिलेगा।
अपने संबोधन में रामभद्राचार्य ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में रामभक्तों पर लाठियां और गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने चरणदास महंत को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह 22 भाषाओं में धाराप्रवाह बोल सकते हैं और अपनी योग्यता साबित करने को तैयार हैं।
दरअसल, सोमवार को मनेंद्रगढ़ दौरे के दौरान चरणदास महंत ने कहा था कि वह रामभद्राचार्य को जगद्गुरु नहीं मानते और चिरमिरी में चल रही कथा में शामिल नहीं होंगे। महंत ने आरोप लगाया था कि रामभद्राचार्य और धीरेन्द्र शास्त्री जैसे धार्मिक गुरु भाजपा का प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे धार्मिक आयोजनों से कांग्रेस नेताओं को दूरी बनाने की सलाह भी दी थी।
महंत के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है और दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

