गरियाबंद: आजादी के 79 साल बाद भी जिले के सुदूर वनांचल राजापड़ाव क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतें बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों ने ग्राम गोना में आयोजित बैठक में अपनी समस्याओं को लेकर नाराजगी जताते हुए बड़ा आंदोलन करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए वे वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 10 जून को ग्राम अड़गड़ी में महा बैठक आयोजित की जाएगी। यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों आदिवासी अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर क्षेत्र में बिजली उपलब्ध कराने की मांग करेंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की एनओसी का हवाला देकर बिजली विस्तार का मामला लगातार टाला जाता रहा है। वहीं 8 जून को एसडीएम मैनपुर को 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की मांग भी की जाएगी।



