कांकेर। बस्तर में “हरा सोना” कहे जाने वाले तेंदूपत्ता की खरीदी शुरू हो चुकी है, लेकिन बेमौसम बारिश ने संग्रहण केंद्रों में परेशानी बढ़ा दी है। लगातार बदलते मौसम और बारिश के कारण तेंदूपत्ता की हजारों गड्डियां भीग गई हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
बारिश और नमी की वजह से बंडलों में दीमक लगने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। तेज हवा और ओलावृष्टि के चलते कई जगह तेंदूपत्ता के बंडल टूट और उड़ रहे हैं। कांकेर के नवागांव संग्रहण केंद्र में अब तक करीब 60 हजार तेंदूपत्ता की खरीदी हो चुकी है, लेकिन बारिश से वहां रखे अधिकांश बंडल प्रभावित हुए हैं।
नमी और पानी के कारण तेंदूपत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। अब पत्तों को सुरक्षित रखने और उनकी गुणवत्ता बचाने के लिए बेहतर संरक्षण की जरूरत महसूस की जा रही है।


