रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2025-26 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान में 68,491 टन की कमी सामने आई है। प्रदेश के 2,740 उपार्जन केंद्रों में से 2,634 केंद्रों में धान का लेखा मिलान पूरा हो चुका है।
सबसे ज्यादा शॉर्टेज कांकेर में 13,436 टन दर्ज किया गया है। इसके बाद बस्तर, राजनांदगांव, गरियाबंद और बालोद का नंबर है। वहीं 7 जिलों में धान का शॉर्टेज शून्य रहा, जबकि 26 जिलों में किसी न किसी स्तर पर कमी मिली है।
विभाग के अनुसार धान में कमी सूखत या अन्य कारणों से बर्बादी की वजह से हो सकती है। जिन समितियों में शॉर्टेज मिला है, वहां संबंधित प्रभारी या प्रबंधक से धान की कीमत वसूलने या कमी की भरपाई कराने की कार्रवाई की जाएगी।
मामले को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने धान की कमी को लेकर बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की व्यापक जांच की मांग की है।

