कांग्रेस में CM के फिर वही 4 चेहरे:बघेल-महंत-सिंहदेव-साहू के नाम, 50 अंडर 50 में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने का फॉर्मूला

रायपुर | 21 सितंबर 2026 | छत्तीसगढ़ की सियासत में विधानसभा चुनावों में अभी वक्त होने के बावजूद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री (CM) के चेहरे को लेकर एक बार फिर सियासी बहस गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के एक बयान के बाद पार्टी के भीतर भावी नेतृत्व को लेकर नए समीकरण बनने लगे हैं। बैज ने मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के नामों का उल्लेख किया। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतिम फैसला हमेशा की तरह पार्टी हाईकमान ही करेगा।  

सिंहदेव ने जोड़ा दीपक बैज का नाम, नेतृत्व पर नई चर्चा  

दीपक बैज के इस बयान के बाद वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने प्रतिक्रिया देते हुए इस चर्चा को और हवा दे दी। सिंहदेव ने कहा कि अगर प्रदेश में बड़े चेहरों की बात हो रही है, तो इस सूची में खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का नाम भी शामिल होना चाहिए। सिंहदेव के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि कांग्रेस में वरिष्ठ बनाम युवा नेतृत्व और दिग्गजों के बीच वर्चस्व की बिसात बिछनी शुरू हो गई है।  

चार दिग्गज और नया शक्ति संतुलन

साल 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद भी मुख्यमंत्री की दौड़ में भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत और ताम्रध्वज साहू मुख्य चेहरे थे। पिछले चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस अब नए सिरे से संगठन सृजन और बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में आगामी निकाय, पंचायत और आगामी विधानसभा चुनाव 2028 के मद्देनजर मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर शुरू हुई बयानबाजी से पार्टी के भीतर गुटबाजी और खींचतान फिर से उभरने की आशंका जताई जा रही है।  

भाजपा का तंज: ‘कांग्रेस में शुरू हुई कुर्सी की लड़ाई’  

कांग्रेस में सीएम चेहरे पर छिड़ी इस बहस पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ताओं ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अभी से मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रही है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि जनता द्वारा नकार दिए जाने के बाद भी कांग्रेस के दिग्गज नेता अपनी आपसी अंतर्कलह और कुर्सी की जंग से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। पार्टी में न नीति है और न ही एक सर्वमान्य नेता।

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