रायपुर | 25 अक्टूबर 2026 | छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं के लिए बहुप्रतीक्षित ‘धान तिहार’ की तारीखों का आधिकारिक ऐलान हो गया है। राज्य सरकार ने खरीफ विपणन सत्र के तहत प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से शुरू करने का निर्णय लिया है, जो 31 जनवरी 2027 तक निरंतर चलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदेश के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदा जाएगा। इस वर्ष शासन ने रिकॉर्ड 160 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
पांच वर्षों में धान उपार्जन लक्ष्य में 63% का भारी उछाल
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन के लक्ष्य में बीते 5 वर्षों के दौरान लगभग 63 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में जहां धान खरीदी का लक्ष्य 98 लाख मीट्रिक टन था, वहीं यह बढ़कर अब 160 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। यानी पांच सालों में उपार्जन लक्ष्य में करीब 62 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल की तुलना में भी इस बार लक्ष्य में 20 लाख मीट्रिक टन का इजाफा किया गया है।
टोकन व्यवस्था, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और नमी मानक
धान खरीदी को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए खाद्य एवं सहकारिता विभाग ने कड़े दिशानिर्देश तय किए हैं:
पोर्टल पर पंजीयन: किसानों के लिए एग्रीस्टैक व किसान पंजीयन पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य रहेगा।
टोकन व्यवस्था: सोसाइटियों और उपार्जन केंद्रों पर भीड़ नियंत्रण के लिए सीमांत, छोटे व बड़े किसानों को ऐप और ऑफलाइन माध्यम से टोकन जारी किए जाएंगे।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण: फर्जीवाड़े और बिचौलियों पर नकेल कसने के लिए केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए ही तौल प्रक्रिया पूरी होगी।
गुणवत्ता और नमी: उपार्जन केंद्रों में 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाले धान की खरीदी नहीं की जाएगी, इसलिए किसानों को उपज सुखाकर लाने की सलाह दी गई है।
उपार्जन केंद्रों में बारदाने और उठाव की तैयारी तेज
160 लाख मीट्रिक टन के विशाल लक्ष्य को पूरा करने के लिए शासन ने सभी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में नए व पुराने बारदानों की उपलब्धता, इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीनों की कैलिब्रेशन और धान के त्वरित उठाव के लिए राइस मिलर्स के साथ अनुबंध की प्रक्रिया तेज कर दी है। खाद्य विभाग ने साफ किया है कि सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेकपोस्टों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।



