रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के प्रस्ताव को राज्य मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है। इस निर्णय का मंत्रालय कर्मचारी संघ ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार जताया है।
लंबे समय से की जा रही थी मांग
मंत्रालय कर्मचारी संघ के अनुसार, सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल था। संघ के गठन के बाद से ही इस विषय को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे थे। पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव से चर्चा कर मांग के संबंध में नियमित रूप से पहल की थी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब इस सुविधा को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। इससे कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बीमारी या आपातकालीन स्थिति में इलाज के लिए तत्काल बड़ी रकम जुटाने की परेशानी से राहत मिल सकती है।
इलाज के दौरान आर्थिक बोझ कम होने की उम्मीद
संघ के अध्यक्ष चन्द्रकान्त पाण्डेय ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मंजूरी को महत्वपूर्ण निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि इससे शासकीय कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारजनों को चिकित्सा संबंधी जरूरतों के समय आर्थिक कठिनाइयों से राहत मिलने की उम्मीद है।
संघ ने राज्य सरकार से इस सुविधा के प्रभावी क्रियान्वयन की अपेक्षा जताई है, ताकि पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को इसका लाभ मिल सके।
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष चन्द्रकान्त पाण्डेय, उपाध्यक्ष अजीष मिरे, संरक्षक कीर्तिवर्धन उपाध्याय, सचिव उमेश सिंह, संयुक्त सचिव महेश बड़ा, कोषाध्यक्ष छवि साहू और सदस्य कुंदन साहू सहित अन्य पदाधिकारियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।


