बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के 11 नगरीय निकायों में करीब 10 वर्षों से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी सेवा समाप्ति और लंबित वेतन के मामले में केंद्र सरकार और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) को छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
जस्टिस बिभु दत्त गुरु की एकल पीठ ने अमित कुमार वर्मा सहित 11 कर्मचारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें नया विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि सक्षम अधिकारी कानून के अनुसार मामले की मेरिट पर विचार कर तर्कसंगत आदेश पारित करें।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत लगभग 10 वर्षों से विभिन्न नगरीय निकायों में कार्यरत थे। विभाग ने अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 तक का वेतन जारी नहीं किया और 7 अप्रैल 2026 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं।
सुनवाई के दौरान राज्य और केंद्र सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि नया अभ्यावेदन मिलने पर सक्षम प्राधिकारी निर्धारित समय-सीमा में निर्णय लेने को तैयार हैं। इस पर हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए संबंधित अधिकारियों को छह सप्ताह के भीतर मामले का परीक्षण कर विधिसम्मत निर्णय लेने का निर्देश दिया।

