डोंगरगढ़। 55 करोड़ रुपये की परिक्रमा पथ परियोजना को लेकर विवाद लगातार गहरा रहा है। निजी भूमि अधिग्रहण, सरकारी खर्च और निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। किसानों के विरोध के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंच चुका है, जबकि कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी परियोजना का विरोध कर रहे हैं।
विवाद का मुख्य मुद्दा यह है कि यदि शासकीय भूमि उपलब्ध है, तो निजी कृषि भूमि के अधिग्रहण की जरूरत क्यों पड़ी। विपक्ष और प्रभावित किसानों ने पूरे मामले की स्वतंत्र तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही स्पष्ट होगा कि परियोजना के सभी निर्णय जनहित में लिए गए या नहीं।


