खैरागढ़: खैरागढ़ पुलिस ने जिले में सक्रिय एक बड़े अंतरराज्यीय नकली शराब बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 16 लाख रुपये से अधिक की मशीनरी और अन्य उपकरण जब्त किए हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने बताया कि छुईंखदान के ग्राम खूँटेली कला निवासी जयकरण गुरुपंच, विचारपुर के नरसिंह वर्मा और उदयपुर निवासी विनोद सोनी मिलकर कई दिनों से नकली शराब का धंधा चला रहे थे। पुलिस ने पहले ही इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद पूछताछ में यह बड़ा खुलासा हुआ।
कैसे बनाते थे नकली शराब?
यह गिरोह नागपुर से नकली शराब के लिए लेबल, होलोग्राम और ढक्कन मंगाता था। इसके बाद बेमेतरा जिले के परपोड़ी क्षेत्र में एक पोल्टी फार्म में स्प्रिट और केमिकल मिलाकर नकली देशी शराब बनाई जाती थी। इस नकली शराब को सिंटेक्स की टंकी में भरकर दुर्ग जिले के ग्राम रौंदा स्थित एक निजी फार्म हाउस में लाया जाता था और वहां बोतलिंग की जाती थी। इसके बाद इस नकली शराब को कोचिया और सेल्समैन की मदद से विभिन्न जिलों में बेचा जाता था।
कौन-कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें मुख्य रूप से जयकरण गुरुपंच, नरसिंह वर्मा और विनोद सोनी शामिल हैं। इसके अलावा नागपुर निवासी रोहित बाबर और मोहम्मद शमीम भी इस गिरोह के सदस्य थे जो नकली लेबल और ढक्कन उपलब्ध कराते थे।
क्या हुआ जब्त?
पुलिस ने इस मामले में 16 लाख रुपये से अधिक की मशीनरी और उपकरण जब्त किए हैं। इनमें नकली शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल, सिंटेक्स की टंकियां, बोतलें, लेबल, होलोग्राम आदि शामिल हैं।




