जैतूसाव मठ ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- पुजारी स्वतंत्र मालिक नहीं

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर के श्री ठाकुर रामचंद्र जी स्वामी जैतूसाव मठ पब्लिक ट्रस्ट की संपत्तियों से जुड़े मामले में याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मठ या धार्मिक संस्था की संपत्ति का प्रबंधन करने वाला पुजारी या मैनेजर उस संपत्ति का स्वतंत्र मालिक नहीं बन जाता।

मामले में मठ की संपत्तियों के राजस्व रिकॉर्ड में कलेक्टर का नाम मैनेजर-सर्वराकार के रूप में दर्ज किए जाने को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से संपत्ति पर अपने अधिकार का दावा किया गया था।

कोर्ट ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज होने मात्र से संपत्ति के अंतिम मालिकाना हक या सर्वराकार पद का निर्धारण नहीं होता। धार्मिक संपत्ति की देखरेख करने वाला व्यक्ति उसका स्वतंत्र स्वामी नहीं माना जा सकता।

हाईकोर्ट ने संबंधित याचिका को खारिज करते हुए धार्मिक ट्रस्ट की संपत्ति के प्रबंधन और मालिकाना हक से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं को स्पष्ट किया।

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