लोरमी तहसील कोर्ट में डेढ़ महीने से न्यायिक काम ठप, वकील और पक्षकार परेशान

मुंगेली। लोरमी तहसील कार्यालय में करीब डेढ़ महीने से न्यायिक कामकाज प्रभावित है। तहसील कोर्ट में काम करने वाले शिक्षकों और लिपिकों को उनके मूल विभागों में वापस भेजे जाने के बाद रीडर की कमी हो गई है। इसके चलते नए मामलों की सुनवाई और अगली तारीख तय करने का काम भी प्रभावित हो रहा है।

समस्या से परेशान अधिवक्ता संघ लोरमी ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है। अधिवक्ताओं का कहना है कि दूर-दराज के गांवों से आने वाले पक्षकार बिना सुनवाई के वापस लौटने को मजबूर हैं। संघ ने तहसील न्यायालय में तत्काल नियमित रीडर की व्यवस्था करने की मांग की है।

अधिवक्ताओं ने लोरमी में सब-ट्रेजरी कार्यालय नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कोर्ट फीस, स्टाम्प और टिकटों के लिए लोगों को अब भी जिला मुख्यालय मुंगेली पर निर्भर रहना पड़ता है। वर्ष 2018 और 2019 में इस संबंध में पत्राचार के बावजूद अब तक उप-कोषालय की स्थापना नहीं हुई है।

इसके अलावा तहसील परिसर में अधिवक्ताओं के लिए उचित बैठने की व्यवस्था नहीं होने की समस्या भी सामने रखी गई। संघ के अनुसार 50 से अधिक महिला और पुरुष वकील टिन-टपरी या खुले में बैठकर काम करने को मजबूर हैं। परिसर में शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं की कमी भी बताई गई है। अधिवक्ता संघ ने 50 लाख रुपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन की मांग की है।

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