जगदलपुर। महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ सीमा पर वन्यजीव तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। ऑपरेशन सेफ पैसेज के तहत वन विभाग, WCCB और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को दो बाघों की खाल और पैंगोलिन के शल्क के साथ गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बाबूराव मडावी और बिजेश्वर गेडाम के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में दोनों के पुलिस विभाग से जुड़े होने और बाघों का शिकार इंद्रावती–अबूझमाड़ क्षेत्र में किए जाने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग ने इसे मध्य भारत के टाइगर कॉरिडोर की सुरक्षा से जुड़ी बड़ी कार्रवाई बताते हुए वन्यजीव तस्करों के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही है।
