रायपुर। देश के लिए 67 अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुके छत्तीसगढ़ के पैरा-आर्म रेसलर श्रीमंत झा ने राज्य सरकार से ‘शहीद राजीव पांडे पुरस्कार’ और सरकारी नौकरी की मांग की है। विश्व रैंकिंग में तीसरे और एशिया में नंबर-1 खिलाड़ी श्रीमंत ने कहा कि यदि इस बार भी उन्हें सम्मान और नौकरी नहीं मिली, तो वे अपने सभी 67 पदक सरकार को सौंपकर उनकी नीलामी कर देंगे।
जन्म से दिव्यांग श्रीमंत पिछले 15 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक तंगी और परिवार पर बढ़ते कर्ज के कारण उनका 2032 पैरालंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का सपना भी प्रभावित हो रहा है।
श्रीमंत ने कहा कि उनके माता-पिता ने उनके करियर के लिए बड़ा संघर्ष किया है। अब वे चाहते हैं कि उनकी उपलब्धियों के आधार पर उन्हें सम्मान और सरकारी नौकरी मिले। अन्यथा वे खेल छोड़कर पदकों की नीलामी से मिले पैसों से परिवार का कर्ज चुकाकर छोटा व्यवसाय शुरू करेंगे।


