महासमुंद जिले के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिनोधा में पालकों और बच्चों ने स्कूल में ताला लगा दिया है। इस विरोध का कारण स्कूल में शिक्षकों की कमी है, जो सीधे तौर पर बच्चों की पढ़ाई पर प्रभाव डाल रही है। वर्तमान में, इस स्कूल में केवल एक शिक्षक ही मौजूद हैं, जो कक्षा 6वीं से 8वीं तक के 71 बच्चों को पढ़ाते हैं। शिक्षकों की कमी और पढ़ाई की गुणवत्ता में गिरावट के कारण पालक और बच्चे इस स्थिति से बेहद असंतुष्ट हैं।
विशेष रूप से, स्कूल में तीन शिक्षकों की आवश्यकता है, जबकि केवल एक प्रधानपाठक और एक शिक्षक ही स्कूल में कार्यरत हैं। वहीं, एक अन्य शिक्षिका को 2018 से अटैचमेंट में महासमुंद के बृजराज पाठशाला में स्थानांतरित किया गया है, और उनकी सैलरी सिनोधा स्कूल से ही दी जाती है। हालांकि, यह अटैचमेंट लंबे समय से चल रहा है, जिसके चलते सिनोधा स्कूल में शिक्षकों की संख्या बेहद कम हो गई है।
पालकों का कहना है कि शिक्षा विभाग द्वारा किए गए वादे के बावजूद शिक्षक की कमी की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। नियमों के अनुसार, हर स्कूल में एक प्रधानपाठक के साथ तीन शिक्षकों की नियुक्ति होनी चाहिए। लेकिन, यहां स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत है। शिक्षा विभाग ने अब अतिरिक्त शिक्षक को अटैच करने का आश्वासन दिया है, लेकिन पालक इस पर सहमत नहीं हो रहे हैं।
इस विरोध प्रदर्शन के जरिए पालक और बच्चे स्पष्ट रूप से मांग कर रहे हैं कि स्कूल में नियमित रूप से शिक्षकों की नियुक्ति की जाए ताकि बच्चों की शिक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।





