रायपुर में राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी के वीआईपी रोड स्थित राजीव स्मृति वन (ऊर्जा पार्क) में वन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और वन शहीद स्मारक का अनावरण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की और पौधे लगाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
वन शहीदों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने वन संपदा की सुरक्षा के दौरान शहीद हुए वनकर्मियों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वन माफियाओं और वन्य जीवों के हमलों से कई वनकर्मी शहीद हुए हैं। सीएम साय ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं और वनकर्मियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही।
बस्तर में बाढ़ के हालात पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर में बाढ़ की स्थिति पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बस्तर में भारी बारिश के कारण बाढ़ के हालात बने हुए हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है। राहत कार्यों के लिए प्रशासन की टीमें तैनात कर दी गई हैं और कलेक्टरों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस का महत्व
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस हर साल उन वनकर्मियों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने जंगलों और वन्य जीवों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। छत्तीसगढ़ में अब तक 35 वनकर्मी शहीद हो चुके हैं। इस मौके पर राजीव स्मृति वन में 2 मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा भी उपस्थित थे।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत नागरिकों को अपनी माताओं के सम्मान में पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि पर्यावरण को बचाने के साथ-साथ वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जा सके।



